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राज्य

जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है  नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुलिस अकादमी में 859 प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह संपन्न

रायपुर 30 मार्च 2026 /// मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदारउप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण कियाजिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव हैजहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिएबल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थेतब उनके पास प्रतिभा थीऔर आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासनआत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका हैजो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है।  जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता हैतो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहींबल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक हैजिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होतीलेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहींबल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता हैउसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया हैआधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगीबल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगीजिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा हैजिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिताभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच हैजिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षाविकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को के