Price Today : -Gold-1,30.860--22 -carat-10 gm/10g
Price Today : Silver1,90,000 per kg/1kg
राष्ट्रीय

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय अरहर (तुअर) उड़द और मसूंर की दाल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल कर रहा है >> मंत्री शिवराज सिंह चौहान

अविनाश कुमार

संपादक 

9424299269

*****परियोजनाए ओडिशाउत्तर प्रदेशपुदुच्चेरीनागालैंडउत्तराखंडझारखंडअसमआंध्रप्रदेशमिजोरमछत्तीसगढ़हरियाणा और मध्य प्रदेश में लागू की जा रही है **** 

नई दिल्ली 09/10/2025/// भारत जल्दी ही दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता को पूरा करेगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय दलहनतिलहन, पशुपालनएवं मत्स्य पालन की अनेक बहु उद्देशीय परियोजनाओं को किसानों की आय बढ़ाने के लिए लागू कर रहा है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय देश के 100 ऐसे जिलों में दालों के पैदावार को बढ़ावा देगा जहां दालों का उत्पादन कम होता है। कृषि उत्पादन की दृष्टि से देश के ऐसे जिलों का चयन किया गया है जहां कृषि का समग्र विकास नहीं हो पाया और किसान विविध प्रकार की फसल पैदा करने से वंचित है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय अरहर (तुअर) उड़द और मसूंर की दाल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल कर रहा है। खास बात यह हैं कि दालों के उत्पादन के लिए किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित किए गए उन्नत बीजों का वितरण किया जाएगा। दालों की खेती करने वाले किसानों को बढ़ावा देने के लिए सरकार केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत दालों की खरीद भी करेगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना हैं कि देश में जल्दी ही दलहन की फसलों के क्षेत्रफल में व्यापक विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार देश को दालों के उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की तरफ ध्यान दे रही है। लिहाजा किसानों को दालों की उन्नत पैदावार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 

दलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए देशभर के कृषि विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। किसानों को सिंचाई की सुविधा के साथ उन्नत श्रेणी के बीजकीटनाशक एवं भंडारण की सुविधा भी दी जाएगी। कृषि मंत्री ने कहा कि दलहल के साथ केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पशुपालनमत्स्य पालन एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी बहुउद्देशीय सुविधाएं प्रदान कर रही है। देशभर में 10 हजार नई बहु उद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) के माध्यम से डेयरी एवं मत्स्य पालन हेतु सहकारी समितियों की स्थापना की जा रही है। साथ ही देशभर में किसानों को बाजार में फसल के उचित मूल्य दिलान के लिए किसान उत्पादन संगठनों का गठन भी किया जा रहा है। फिलहाल देशभर में 10 हजार किसान उत्पादन संगठन कार्यरत है जिनके साथ 50 लाख से अधिक किसान जुड़े है। 

भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था वाला देश बनने की तरफ अग्रसर है। लिहाजा केंद्र सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और ज्यादा मजबूत करने के लिए कृषि विकासदलहलतिलहनबागवानी के विकास के साथ ही पशुधन विकास और मात्स्यिकी परियोजना पर भी लगातार जोर दे रही है। पशुपालन एवं डेयरी विकास के लिए 946.52 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का सरकार ने शुभारंभ किया है। पूर्वोत्तर के प्रमुख राज्य असम में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत गुवाहाटी में एक आईवीएफ लैब की स्थापना की गई है। साथ ही किसानों के घर पर ही पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए मल्टीपरपज ए.आई.टेक्निशियन इन रूरल इंडिया के कार्यकर्ताओं को उन्नत उपकरण और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सरकार पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर रोजगार के साधनों को बढ़ाने के साथ ही पशु आहार परियोजनाओंदुध प्रसंस्करण केंद्रों और पशुओं के उपचार के लिए भी व्यापक विकास कर रही है। 

मत्स्य पालन के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने 693 करोड़ की लागत से बनने वाली 16 प्रभावशाली मात्स्यिकी परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह परियोजनाए ओडिशाउत्तर प्रदेशपुदुच्चेरीनागालैंडउत्तराखंडझारखंडअसमआंध्रप्रदेशमिजोरमछत्तीसगढ़हरियाणा और मध्य प्रदेश में लागू की जा रही है। जिसके तहत होलसेल फिश मार्केटस्मार्ट इंटीग्रेटेड फिशिंग हारबर्गउन्नत एक्को पार्कट्राउट मत्स्य पालनफिश फीड मिल्सबायोफ्लोक यूनिट्सकोल्ड स्टोरेजहैचरीजीवित मत्स्य विक्रय केंद्र और समुद्र खाद्य प्रसंस्करण की सुविधाओं से युक्त विभिन्न परियोजनाएं शामिल है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक देश है। साथ ही झींगा उत्पादन और निर्यात में पहले पायदान पर है। कैप्चर फिशरीज में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। सरकार नदियोंजलाशयोंतालाबोंझीलोंआर्द्रभूमि और समुद्र में जलीय कृषि प्रणाली के विकास के साथ-साथ अंतर्देशीय मत्स्य पालन की संभावनाओं का भी विस्तार कर रही है।