श्री हरी विष्णु ही सर्वोच्च परमात्मा
विष्णु ही सर्वोच्च परमात्मा हैं, जिनके अनंत शुभ गुण हैं। इस दर्शन के अनुसार, भगवान विष्णु ही ईश्वर हैं, और वह जगत का कारण, पालनकर्ता और संहारकर्ता है। विशिष्टाद्वैत मानता है कि शिव एक देवता हैं, वे विष्णु के अधीन हैं और उनकी दिव्य लीला का हिस्सा हैं। इस सम्प्रदाय में, विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति सर्वोच्च मानी जाती है, और जीवात्मा का अंतिम उद्देश्य विष्णु के साथ भक्ति और सेवा के माध्यम से संबंध स्थापित करना है। रामानुज के सिद्धांतों में, विष्णु की भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया गया है, जिसमें शिव का स्थान महत्वपूर्ण है लेकिन विष्णु के समकक्ष नहीं।



