रायगढ़ घठुला छोटे में फ्लाई ऐश भराव पूरी तरह नियमानुसार: अदाणी पावर
रायगढ़, छत्तीसगढ़
⭕️. अदाणी पावर का दावा है कि घठुला छोटे में फ्लाई ऐश भराव के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त हैं तथा निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय शर्तों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
⭕️. कंपनी ने आशंका जताई है कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व भ्रामक जानकारियां फैलाकर अनावश्यक विवाद उत्पन्न कर रहे हैं। इसके पीछे दबाव बनाकर अवैध वसूली करने की मंशा भी हो सकती है।
⭕️. प्राकृतिक आपदा से कार्य प्रभावित होने के बाद पर्यावरण विभाग की टीम ने स्थल का दोबारा निरीक्षण किया। कंपनी के अनुसार, आगे का कार्य विभागीय निर्देशों और निर्धारित शर्तों के अनुरूप जारी है।
⭕️ कंपनी के मुताबिक, किसानों की भूमि सुरक्षित रखने के लिए भराव स्थल के चारों ओर मजबूत मेड़ बनाई गई है। किसी भी किसान के खेत में फ्लाई ऐश नहीं पहुंचने का दावा किया गया है।
रायगढ़। जिले के ग्राम घठुला छोटे में फ्लाई ऐश भराव को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच बड़े भंडार स्थित अदाणी पावर लिमिटेड ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कार्य सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं पर्यावरणीय अनुमतियां प्राप्त करने के बाद निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जा रहा है। कंपनी ने नियमों के उल्लंघन संबंधी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि पर्यावरण संरक्षण, किसानों की भूमि की सुरक्षा और विभागीय दिशा-निर्देशों का अनुपालन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
कंपनी के अनुसार, फ्लाई ऐश भराव की प्रक्रिया प्रारंभ करने से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की गई थीं। कार्य के प्रत्येक चरण में निर्धारित शर्तों का पालन किया जा रहा है। अदाणी पावर ने कहा कि अनुमति और कार्यप्रणाली को लेकर प्रसारित की जा रही कुछ जानकारियां वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खातीं।
कंपनी ने आशंका व्यक्त की है कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व भ्रामक जानकारियां प्रसारित कर अनावश्यक विवाद उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों के पीछे दबाव बनाकर अवैध वसूली करने की मंशा होने की संभावना से भी कंपनी ने इनकार नहीं किया है।
अदाणी पावर के मुताबिक, ग्राम घठुला छोटे में प्रस्तावित कार्य की शुरुआत में केवल आवागमन के लिए रास्ता तैयार किया गया था। इसी दौरान प्राकृतिक आपदा के कारण कार्य प्रभावित हुआ, जिसके चलते आगे की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद पर्यावरण विभाग की टीम ने संबंधित स्थल का पुनः निरीक्षण किया और आगे के कार्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
कंपनी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है। फ्लाई ऐश भराव का शेष कार्य भी संबंधित विभाग की शर्तों और निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा।
किसानों की भूमि की सुरक्षा को लेकर अदाणी पावर ने विशेष रूप से स्पष्ट किया है कि भराव स्थल के चारों ओर मजबूत मेड़ बनाई गई है, ताकि फ्लाई ऐश आसपास के खेतों तक न पहुंच सके। कंपनी का दावा है कि अब तक किसी भी किसान के खेत में फ्लाई ऐश नहीं पहुंचा है और मौके पर हुए निरीक्षण में भी इसकी पुष्टि हुई है।
कंपनी ने दोहराया कि वह पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन तथा स्थानीय नागरिकों और किसानों के हितों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। उसका कहना है कि फ्लाई ऐश भराव के दौरान किसी भी नियम अथवा अनुमति की शर्त का उल्लंघन नहीं किया गया है।
अदाणी पावर ने संबंधित पक्षों से अपील की है कि इस विषय में किसी भी प्रकार की जानकारी सार्वजनिक करने से पहले अनुमति संबंधी दस्तावेजों, पर्यावरण विभाग के निर्देशों तथा स्थल की वास्तविक परिस्थितियों की जांच अवश्य की जाए। कंपनी के अनुसार, तथ्यों की पुष्टि किए बिना आरोप प्रसारित करने से अनावश्यक भ्रम उत्पन्न होता है और नियमानुसार संचालित कार्यों को लेकर गलत धारणा बन सकती है।
कंपनी द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण के अनुसार, घठुला छोटे में फ्लाई ऐश भराव का कार्य वैधानिक अनुमतियों, विभागीय निगरानी और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।


